Saturday, May 9, 2015

मोहब्बत के समंदर मे............

तैरना तो आता था हमे मोहब्बत के समंदर मे लेकिन,
जब उसने हाथ ही नही पकड़ा तो डूब जाना अच्छा लगा...!!!

इश्क ओर दोस्ती................

इश्क ओर दोस्ती मेरे दो जहान है,

इश्क मेरी रुह, तो दोस्ती मेरा ईमान है,

इश्क पर तो फिदा करदु अपनी पुरी जिंदगी,

पर दोस्ती पर, मेरा इश्क भी कुर्बान है 

तेरी रूह................

तेरी रूह का मेरी रूह से निकाह हो गया हैं जैसे...
तेरे सिवा किसी और को सोचूं तो नाजायज़ सा लगता हैं....

दिले बरबाद

दिले बरबाद का मै तुझे इल्जाम नही देता
 हाँ
अपने लबजो मे तेरे लबज जोड जरुर लेता हुँ
मगर तेरा नाम नही लेता...!

Kis tarah.............

Kis tarah khatm kr du usse rishta....
Jise sirf mehsoos karne se mai duniya bhull jata hu....