Tuesday, August 2, 2016

मुड़कर देख लेता हूं...



कोई ख़ुशबू नहीं, साया नहीं, यादें नहीं पीछे,
मगर आहट किसी की है...कि मुड़कर देख लेता हूं...!!

सर्दी के मौसम मे ........



😜😝😣😁 रजाई के लिये सर्दी के मौसम मे एक स्टूडैन्ट हॉस्टल से अपने पापा को खत लिखता है ।

लेकिन उसके कुछ शरारती दोस्त रजाई की जगह लुगाई लिख देते है ।

3 इडियट फ़िल्म की तरह।

और
जब पापा खत पडते है तो.......

आदरणीय पापाजी !

चरण स्पर्श,
मैं यहां ठीक हूँ और आशा करता हू कि आप लोग सब अच्छे से होगे।

आगे समाचार यह है कि मेरी लुगाई 🙎पुरानी और बेकार हो गई है ।

और यहॉ सर्दी अधिक पड रही है ।

अभी दोस्तो की लुगाइयों से काम चल रहा था लेकिन सर्दी अधिक पडने से वे भी अपनी लुगाई देने मे आना कानी करते है ।

मेरे लिये एक लुगाई का इंतजाम कर दो ।

नई ना ला सको तो बडे भैया की लुगाई भेज दो ।

बडे भैया की ना मिले तो मझले भैया की लुगाई भेज दो ।

सर्दी मे बुरा हाल है ।

दो भाईयों मे से किसी एक की लुगाई जरूर भेज दो।

दोनों मे से किसी की भी न भेज सको तो पैसे भेज दो मैं यहॉ किराये कि लुगाई ले लूंगा ।

आपका पुत्र

के.पी.

उसका बाप और भाई➖घर से डंडे लेकर निकले हैं।

सोच सकते हैं क्या हाल होने वाला है उसका।

क्यों की हर 1 फ्रेंड कमीना होता है।
मिस यू ऑल फ्रेंड
😣😝😜😁



Monday, August 1, 2016

मेरी हर रात की.....


तलाश...नींदों की,
तलब...ख्वाबों की,

बस..यही है..
कहानी..मेरी हर रात की.....॥

शुभ रात्रि....मधुर स्वप्न.....॥




निकल जाने ....

घंटों लग जाते हैं एक विचार को
#COpypaste करने में😝😝😝😝
.
.
और आप देर नहीं करते बिना #Like किए निकल जाने में

#gud_mornggg_groupies. 😘😘


जुड़ने के लिए.....


तेरा मेरा रिश्ता भी
उस"वेल्डिंग" की तरह है ..

दोनों खूब जलते है..
जुड़ने के लिए.💕