Saturday, June 30, 2018

पत्थर भी पिघल जाते हैं...

वो कभी अपनी जफ़ा पर न हुआ शर्मिंदा...
हम समझते रहे पत्थर भी पिघल जाते हैं...
😔😔
ज़फा =सितम
🗿

किसी की नज़रों में …

बहुत ख़ास थे कभी हम किसी की नज़रों में …

मगर नज़रों के तकाज़े बदलने में देर ही कितनी लगती है।

मैं तेरा हो नही सकता.....

मिट्टी में मिला दे
की जुदा हो नही सकता

अब इससे ज्यादा
मैं तेरा हो नही सकता.......

मैं सुकून से सो जाऊँ...

“कभी यूँ भी हो कि वक्त पलट जाए...,

तुझे जगाये यादें मेरी....और मैं सुकून से सो जाऊँ...।”

Sunday, June 24, 2018

मेरी #मोहब्बत की मजार.


मेरी #मोहब्बत की मजार तो #आज भी वही पर है
बस तेरे #सजदे की जगह #बदल गयी है
S 💔 R