Friday, February 19, 2016

चेहरों पे दोहरी नका़ब रखते हैं

दिलों में आग लबों पर गुलाब रखते हैं

सब अपने चेहरों पे दोहरी नका़ब रखते हैं
हमें चराग समझ कर बुझा न पाओगे
हम अपने घर में कई आफ़ताब रखते हैं
बहुत से लोग कि जो हर्फ़-आश्ना भी नहीं
इसी में खुश हैं कि तेरी किताब रखते हैं
ये मैकदा है, वो मस्जिद है, वो है बुत-खाना
कहीं भी जाओ फ़रिश्ते हिसाब रखते हैं
हमारे शहर के मंजर न देख पायेंगे
यहाँ के लोग तो आँखों में ख्वाब रखते हैं

Thursday, February 18, 2016

दिल की बात कह देते है......


 हम तो पागल है जो शायरी में ही दिल की बात कह देते है,
लोग तो गीता पे हाथ रखके भी सच नहीं बोलते......... !!

Ek Puri Duniya Thi.....


“हुआ है तुझसे बिछडने के बाद ये मालूम...कि,
सिर्फ तू नहीं था....तेरे साथ मेरी एक पूरी दुनिया थी...।”

"Hua hai tujhse bichhadne ke baad ye malum....ki

sirf tu nahi tha... tere sath meri ek puri duniya thi....."

मोहब्बत के लिए .................

यूँ सुबह शाम का रूठना मनाना भी ठीक नहीं,
मोहब्बत के लिए कोई वक़्त बचता ही नहीं..!!
😕😕😕😕

akela kar gyi........

.....वही 
मुझको अकेला कर गयी...!
जो 
दुआ में मुझे मांगती थी कभी....!!

....vahi
mujhe akela kar gyi........
jo
Duao me mujhe mangti thi kabhi......