Thursday, March 10, 2016

एक काश तुम भी हो............

मेरी ‪#‎जिन्दगी‬ के ‪#‎राज़‬ में एक राज़ तुम भी हो.. मेरी ‪#‎बन्दगी‬ की ‪#‎आस‬ में एक आस तुम भी हो.. तुम क्या हो मेरी? कुछ हो भी? या कुछ भी नही, मगर, मेरी जिन्दगी के ‪#‎काश‬ में एक काश तुम भी हो।।

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