Dil Ki Baat
Thursday, March 10, 2016
मेरी अजब है ज़िन्दगी
मेरी अजब है ज़िन्दगी किसी से क्या गिला करूँ
तक़दीर रूठ जाए तो मेरे ख़ुदा मैं क्या करूँ
हालात ने नसीब में ग़म भर दिये हैं इस क़दर
ना मंज़िलों की कुछ ख़बर मैं कारवाँ को क्या करूँ..
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