Thursday, April 14, 2016

बड़ी देर लगी....

दिल के कागज़ को सजाने में बड़ी देर लगी
तेरी तस्वीर बनाने में बड़ी देर लगी
अब किसी और के हाथों का मुकदर हूँ मैं
तुझको परदेस से आने में बड़ी देर लगी
तकती रहती हूँ मैं दीवार पे चेहरा अपना
तुझको आइना लगाने में बड़ी देर लगी
आज तो छत से नज़र ही नहीं आया सूरज
आज फिर बाल सुखाने में बड़ी देर लगी....

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