Saturday, May 9, 2015

कुछ उनकी मजबूरीयां.................

कुछ उनकी मजबूरीयां तो कुछ मेरी..
बस यूं ही एक खुबसूरत रिश्ते को खतमं कर दिया हमनें...!!!

अब भी ताज़ा हैं जख्म.............

अब भी ताज़ा हैं जख्म सिने में !
बिन तेरे क्या रखा हैं जीने में...!!
हम तो जिन्दा हैं तेरा साथ पाने को !
वर्ना देर नहीं लगती हैं जहर पीने में !!

लो सीख ली हमने भी तेरी तरह बेवफाई करनी ...तुम भी तो यही चाहते थे ना

लो सीख ली हमने भी तेरी तरह बेवफाई करनी ...तुम भी तो यही चाहते थे ना

तूझे पाने की हसरत

तूझे पाने की हसरत में कब तक तडपता रहूंगा
कोई ऐसा धोखा दे कि मेरी आस टूट जाए ...

मतलब की दुनिया ..........

मतलब की दुनिया थी इसलिए छोड़ दिया सबसे मिलना…
वरना ये छोटी सी उम्र तन्हाई के काबिल न थी !!