Saturday, June 30, 2018

28-32 की उम्र के कुवारों लौंडो का जीवन



28-32 की उम्र के कुवारों लौंडो का जीवन भी अथाह झंड होता है। शादी हो नही रही होती, गर्लफ्रेंड मिलने की उम्मीद ना से भी कम होती है अौर अगर गर्लफ्रेंड हो तो निश्चित ही उसके घरवाले लौंडे की खाल मे मसाला भरने की ताड में होते हैं, किसी कालेज वाली लडकी तो देखें तो दुनिया इन्हें दरिंदा बुलाती है, अौर शादी शुदा को ताडें तो ये हवसी। ऊपर से बच्चे भैया की जगह अंकल बुलाने लग गये होते हैं।

28 से पहले उम्मीद है, 32 के बाद हिमालय अौर इनके बीच मे है जीवन का संघर्ष

😭😭😭😭😭😭😭


बड़ी ही अजीब भूल है तुम्हारी



हम भूलेगें और वो भी तुम्हें ....????

उफ्फ बड़ी ही अजीब भूल है तुम्हारी ...☆


R❤️S

बदल गए सब लोग



“बदल गए सब लोग आहिस्ता...आहिस्ता...,

अब तो अपना भी हक बनता है ।”

💔💔💔💔💔

गुरूर ओढ़े हुए कुछ रिश्ते....

रूबरू होने की तो छोड़िये, गुफ्तगू से भी कतराने लगे हैं.. गुरूर ओढ़े हुए कुछ रिश्ते, अपनी हैसियत पर इतराने लगे हैं। .💔💔💔💔💔💔💔

तुम्हें पाना जरुरी नहीं

सुनो जहां हो, जैसे हो, वहीं, वैसे ही रहना तुम,

तुम्हें पाना जरुरी नहीं तुम्हारा होना ही काफी है..

#Rahul