Friday, April 17, 2020

डर ले गया....

मेरी राहों से अपना सफर ले गया,,, वो बिछड़ कर बिछड़ने का डर ले गया....!!


Friday, April 3, 2020

क्यूं छोड़ कर गए थे......

तुम दलीलें मत दो,क्यूं छोड़ कर गए थे, . . अपना फायदा बताओ तुम लौट आने का।


Thursday, April 2, 2020

खुद ही संभल जाऊं...

“यह दिल कहता है तेरे शहर में ठहर जाऊं, मगर हालात कहते हैं कि घर जाऊं तो बेहतर है। दिलों में फर्क आएंगे...ताल्लुक भी टूट जाएंगे, जो देखा जो सुना उससे मुकर जाऊं तो बेहतर है। यहां है कौन मेरा जो मुझे समझे मैं कोशिश करके, खुद ही संभल जाऊं तो बेहतर है ।”


Sunday, March 29, 2020

उसका कोई घर नहीं

इस शहर में मज़दूर जैसा दर-बदर कोई नहीं, जिसने सबके घर बनाए उसका कोई घर नहीं |


Wednesday, March 25, 2020

"अपनों से.."

अपनों से बदला नहीं लिया जाता, माफ़ किया जाता है....